नेपाल से भारत में रिफाइंड खाद्य तेल का आयात बढ़ा है, जहां नवंबर 2025 में करीब 54,000 टन और दिसंबर में 48,000 टन परिष्कृत तेल आया। वहीं, UAE और सऊदी अरब जैसे मुस्लिम देशों से पाम ऑयल, सोयाबीन और सूरजमुखी तेल बड़े पैमाने पर आयात होता है, जो भारतीय घरों की रसोई में रोजाना इस्तेमाल होता है। भारत कुल वनस्पति तेल आयात का बड़ा हिस्सा इंडोनेशिया-मलेशिया के साथ इन देशों से करता है, जबकि कच्चा तेल मुख्यतः रूस, इराक, सऊदी अरब और UAE से आता है।
नेपाल से रिफाइंड तेल आयात बढ़ा, मुस्लिम देशों से भी आता है खाद्य तेल; जानिए आपकी किचन में कौन सा तेल कहाँ से आता है
भारत दुनिया का सबसे बड़ा खाद्य तेल आयातक देशों में से एक है। देश की लगभग 60-70% खाद्य तेल जरूरतें आयात से पूरी होती हैं। हाल के आंकड़ों में नेपाल से रिफाइंड (परिष्कृत) खाद्य तेल का आयात उल्लेखनीय रूप से बढ़ा है। नवंबर 2025 में नेपाल ने भारत को लगभग 54,000 टन रिफाइंड तेल निर्यात किया, जबकि दिसंबर 2025 में यह आंकड़ा करीब 48,000 टन रहा। यह मुख्यतः पाम ऑयल आधारित रिफाइंड तेल है, जो नेपाल में रिफाइन होकर भारत भेजा जाता है। नेपाल का यह निर्यात भारत के कुल वनस्पति तेल आयात में छोटा लेकिन तेजी से बढ़ता हिस्सा है, खासकर सीमावर्ती राज्यों में सस्ते दामों के कारण।
लेकिन नेपाल अकेला स्रोत नहीं है। भारत का बड़ा हिस्सा खाद्य तेल (वनस्पति तेल) मुस्लिम बहुल देशों से आता है, खासकर खाड़ी क्षेत्र से। संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और सऊदी अरब से पाम ऑयल, सोयाबीन ऑयल और अन्य रिफाइंड तेलों का आयात होता है। UAE भारत का प्रमुख आपूर्तिकर्ता है, जहां से पाम ऑयल और उसके डेरिवेटिव्स बड़े पैमाने पर आते हैं। सऊदी अरब भी पाम और अन्य तेलों में योगदान देता है, हालांकि मुख्य रूप से कच्चे तेल के लिए जाना जाता है।
2025-26 की पहली तिमाही (नवंबर 2025-जनवरी 2026) में भारत का कुल वनस्पति तेल आयात 39.6 लाख टन रहा, जो पिछले साल से 2% कम है। लेकिन पाम तेल आयात 18% बढ़कर 19.1 लाख टन हो गया। यह मुख्यतः इंडोनेशिया और मलेशिया से आता है, लेकिन UAE और सऊदी अरब जैसे देश भी सप्लाई चेन में शामिल हैं, जहां से रिफाइंड या क्रूड पाम ऑयल भारत पहुंचता है।
भारत के प्रमुख खाद्य तेल आयात स्रोत (हालिया ट्रेंड्स के आधार पर)
पाम तेल : सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाला तेल, जो आपकी किचन में तलने, फ्राइंग और पैकेज्ड फूड में मिलता है। मुख्य स्रोत – इंडोनेशिया, मलेशिया, लेकिन UAE और सऊदी अरब से भी काफी मात्रा।
सोयाबीन तेल : स्वास्थ्य के लिहाज से पॉपुलर, सलाद और हल्के पकाने में। मुख्य आयात – अर्जेंटीना, ब्राजील, लेकिन UAE जैसे देशों से रिफाइंड रूप में।
सूरजमुखी तेल : हाल में आयात कम हुआ, लेकिन यूक्रेन-रूस प्रभाव से पहले यूक्रेन प्रमुख था। अब UAE और अन्य से बढ़ा।
रिफाइंड तेल नेपाल से : सस्ता और आसान लॉजिस्टिक्स के कारण बढ़ा, मुख्यतः पाम आधारित।
कच्चे तेल vs खाद्य तेल: अंतर समझें
भारत कच्चा तेल (क्रूड ऑयल) मुख्यतः रूस (लगभग 30-35%), इराक (18-21%), सऊदी अरब (13-15%), UAE (8-10%) और अमेरिका (बढ़ता हुआ 7-8%) से आयात करता है। दिसंबर 2025 में क्रूड आयात 21.59 मिलियन टन रहा। लेकिन खाद्य तेल अलग है – यह रिफाइंड वनस्पति तेल है, जो सीधे किचन में जाता है।
यहां मुस्लिम देशों की भूमिका: UAE और सऊदी अरब दोनों कच्चे तेल के बड़े सप्लायर हैं, लेकिन रिफाइंड उत्पादों और पाम ऑयल में भी मजबूत हैं। भारत इन देशों से आयातित तेल को रिफाइन कर इस्तेमाल करता है या सीधे आयात करता है।
आपकी किचन में इस्तेमाल होने वाले तेलों का स्रोत
फॉर्च्यून, सफोला, धारा जैसे ब्रांड : ज्यादातर पाम, सोयाबीन या सूरजमुखी ब्लेंड – इनमें UAE, सऊदी अरब, इंडोनेशिया से आए तेल का हिस्सा।
रिफाइंड तेल नेपाल से : कुछ लोकल ब्रांड या सीमावर्ती क्षेत्रों में सस्ते विकल्प के रूप में।
घरेलू उत्पादन : सरसों, मूंगफली तेल ज्यादातर भारत में, लेकिन खाद्य तेल का 60%+ आयातित।
वनस्पति तेल आयात में उतार-चढ़ाव के बावजूद पाम तेल की मांग मजबूत है। फरवरी 2026 तक बंदरगाहों पर कुल खाद्य तेल स्टॉक 8.64 लाख टन रहा, जबकि कुल स्टॉक 17.5 लाख टन के आसपास स्थिर है। यह सुनिश्चित करता है कि कीमतें ज्यादा न बढ़ें।
भारत ऊर्जा सुरक्षा के लिए स्रोतों में विविधता ला रहा है, लेकिन किचन तेल में मुस्लिम देशों (UAE, सऊदी अरब) और नेपाल जैसे पड़ोसी का योगदान महत्वपूर्ण बना हुआ है।
Disclaimer: यह लेख उपलब्ध आंकड़ों और ट्रेंड्स पर आधारित सूचनात्मक रिपोर्ट है।










