“मारुति सुजुकी ने FY2025 में CNG सेगमेंट में 70.5% मार्केट शेयर हासिल कर 5.91 लाख यूनिट्स बेचीं, जबकि टाटा मोटर्स 1.39 लाख और हुंडई 79 हजार यूनिट्स पर सिमटी; कुल CNG कार बिक्री 8.39 लाख से ज्यादा पहुंची, जहां मारुति की लोकप्रिय मॉडल्स जैसे WagonR, Swift और Dzire ने बाजार पर कब्जा जमाया।”
FY2025 में भारतीय ऑटो बाजार में CNG कारों की बिक्री ने नया कीर्तिमान स्थापित किया, जहां कुल 8.39 लाख से अधिक यूनिट्स बिकीं। मारुति सुजुकी ने इस सेगमेंट में अपना दबदबा कायम रखते हुए 5.91 लाख यूनिट्स की बिक्री दर्ज की, जो कुल बाजार का 70.5% हिस्सा है। यह आंकड़ा दर्शाता है कि ग्राहक CNG विकल्पों की ओर तेजी से रुझान दिखा रहे हैं, खासकर पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों और पर्यावरणीय चिंताओं के बीच। टाटा मोटर्स ने दूसरे स्थान पर रहते हुए 1.39 लाख यूनिट्स बेचीं, लेकिन मारुति के मुकाबले यह आंकड़ा काफी कम रहा। हुंडई ने तीसरे स्थान पर 79,267 यूनिट्स की बिक्री की, जो 9.5% मार्केट शेयर दर्शाता है। टोयोटा जैसी कंपनियां चौथे स्थान पर रहीं, जिनकी बिक्री लगभग 30 हजार यूनिट्स के आसपास रही।
मारुति की सफलता का मुख्य कारण उसकी फैक्ट्री-फिटेड CNG किट्स वाली विस्तृत रेंज है, जिसमें WagonR, Swift, Dzire, Brezza और Ertiga जैसे मॉडल शामिल हैं। इन मॉडल्स ने FY2025 में कुल CNG बिक्री का बड़ा हिस्सा संभाला, जहां WagonR अकेले 1.5 लाख से ज्यादा यूनिट्स बेचकर टॉप पर रही। ग्राहकों के लिए CNG का रनिंग कॉस्ट पेट्रोल से 30-40% कम होने से आकर्षण बढ़ा, साथ ही मारुति की 3,000 से अधिक डीलरशिप्स ने उपलब्धता सुनिश्चित की। टाटा की Tiago, Tigor और Punch CNG वेरिएंट्स ने अच्छा प्रदर्शन किया, लेकिन मारुति की कीमत रेंज (5-10 लाख रुपये) और माइलेज (25-30 km/kg) के आगे वे पिछड़ गईं। हुंडई की Grand i10 Nios, Aura और Exter CNG मॉडल्स ने शहरी ग्राहकों को आकर्षित किया, लेकिन सीमित वैरिएंट्स और ऊंची कीमतों ने बाजार हिस्सा सीमित रखा।
CNG बाजार में वृद्धि की दर 25% से अधिक रही, जो FY2024 के मुकाबले उल्लेखनीय है। दिल्ली-NCR, मुंबई और अहमदाबाद जैसे शहरों में CNG स्टेशनों की संख्या 5,000 से ऊपर पहुंचने से बिक्री को बल मिला। सरकारी नीतियां, जैसे CNG पर कम GST और सब्सिडी, ने भी योगदान दिया। मारुति ने अपनी S-CNG टेक्नोलॉजी को अपग्रेड कर ड्यूल-फ्यूल सिस्टम पेश किया, जो सेफ्टी फीचर्स जैसे लीक डिटेक्शन और ऑटो-स्विच के साथ आता है। टाटा की Altroz iCNG ने प्रीमियम सेगमेंट में एंट्री की, लेकिन मात्र 20 हजार यूनिट्स बिकने से प्रभाव सीमित रहा। हुंडई ने अपनी CNG लाइनअप में हाइब्रिड एलिमेंट्स जोड़े, लेकिन बिक्री आंकड़े दर्शाते हैं कि ग्राहक अभी भी मारुति की विश्वसनीयता पर भरोसा कर रहे हैं।
CNG कार बिक्री आंकड़े (FY2025)
| कंपनी | बिक्री यूनिट्स | मार्केट शेयर (%) | प्रमुख मॉडल्स |
|---|---|---|---|
| Maruti Suzuki | 5,91,730 | 70.5 | WagonR, Swift, Dzire, Brezza |
| Tata Motors | 1,39,460 | 16.6 | Tiago, Tigor, Punch |
| Hyundai | 79,267 | 9.5 | Grand i10 Nios, Aura, Exter |
| Toyota | ~30,000 | 3.6 | Glanza, Urban Cruiser |
| कुल | 8,39,333 | 100 | – |
इस तालिका से स्पष्ट है कि मारुति की बिक्री अन्य कंपनियों की कुल बिक्री से दोगुनी से अधिक है। ग्राहक प्रतिक्रियाओं से पता चलता है कि CNG कारों की डिमांड में 40% हिस्सा छोटे शहरों से आ रहा है, जहां फ्यूल उपलब्धता बढ़ी है। मारुति ने FY2025 में 10 नए CNG वैरिएंट्स लॉन्च किए, जबकि टाटा ने केवल 4 और हुंडई ने 3। इससे मारुति की रणनीति की मजबूती झलकती है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि CNG सेगमेंट में EV की एंट्री से प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी, लेकिन फिलहाल CNG का 20% कुल पैसेंजर व्हीकल मार्केट शेयर दर्शाता है कि यह डीजल को पछाड़ चुका है।
मारुति की CNG सफलता के प्रमुख कारण
विस्तृत नेटवर्क: 3,500 से अधिक सर्विस सेंटर्स, जो CNG मेंटेनेंस को आसान बनाते हैं।
किफायती कीमत: एंट्री-लेवल CNG मॉडल 5 लाख रुपये से शुरू, जबकि प्रतिद्वंद्वी 6 लाख से ऊपर।
उच्च माइलेज: 28-32 km/kg तक, जो रनिंग कॉस्ट को 2-3 रुपये प्रति किमी तक लाता है।
सेफ्टी फीचर्स: फैक्ट्री-फिटेड किट्स में प्रेशर गेज और ऑटो-कटऑफ, जो दुर्घटना जोखिम कम करती हैं।
ग्राहक विश्वास: 40 वर्षों का ट्रैक रेकॉर्ड, जो ब्रांड लॉयल्टी बढ़ाता है।
टाटा और हुंडई की चुनौतियां स्पष्ट हैं: टाटा की CNG रेंज में SUV फोकस है, लेकिन हैचबैक सेगमेंट में कमजोर उपस्थिति। हुंडई की प्रीमियम पोजिशनिंग CNG ग्राहकों को दूर रखती है, जो बजट-फ्रेंडली ऑप्शंस तलाशते हैं। FY2025 के आंकड़े दर्शाते हैं कि CNG बिक्री ने डीजल को पहली बार पीछे छोड़ा, जहां CNG का कुल PV मार्केट में 19.4% शेयर रहा। मारुति की रणनीति में आगे EV-CNG हाइब्रिड मॉडल्स शामिल हैं, जो 2026 में लॉन्च हो सकते हैं। ग्राहकों के लिए सलाह है कि CNG कार खरीदते समय लोकल फ्यूल उपलब्धता जांचें, क्योंकि ग्रामीण क्षेत्रों में अभी चुनौतियां हैं। बाजार ट्रेंड्स से लगता है कि 2026 में CNG बिक्री 10 लाख यूनिट्स पार कर सकती है, अगर इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार जारी रहा।
प्रमुख CNG मॉडल्स की तुलना
| मॉडल | कंपनी | कीमत रेंज (लाख रुपये) | माइलेज (km/kg) | इंजन स्पेसिफिकेशन |
|---|---|---|---|---|
| WagonR CNG | Maruti | 5.5-6.5 | 32 | 1.0L, 57hp |
| Punch CNG | Tata | 7-9 | 26 | 1.2L, 73hp |
| Aura CNG | Hyundai | 7.5-9 | 25 | 1.2L, 68hp |
| Dzire CNG | Maruti | 6.5-8 | 31 | 1.2L, 71hp |
| Tiago CNG | Tata | 6-7.5 | 26 | 1.2L, 73hp |
यह तुलना दर्शाती है कि मारुति के मॉडल्स न केवल सस्ते हैं, बल्कि बेहतर माइलेज भी देते हैं, जो ग्राहकों को आकर्षित करती है। कुल मिलाकर, मारुति की CNG रणनीति ने उसे फिर से नंबर-1 बना दिया, जहां प्रतिद्वंद्वी कंपनियां अभी पिछड़ रही हैं।
Disclaimer: यह लेख उपलब्ध रिपोर्ट्स, बाजार विश्लेषण और उद्योग ट्रेंड्स पर आधारित है। सलाह या निवेश संबंधी निर्णय लेने से पहले विशेषज्ञों से परामर्श करें।










