“बजाज ऑटो ने जनवरी 2026 में रिकॉर्ड 1.91 लाख टू-व्हीलर्स का निर्यात किया, जो हीरो मोटोकॉर्प के 37 हजार और होंडा के 54 हजार से कहीं ज्यादा है। कंपनी की YoY वृद्धि 21.93% रही, जबकि कुल टॉप-6 कंपनियों के निर्यात 4.31 लाख यूनिट्स पहुंचे। बजाज की बाजार हिस्सेदारी 44.44% रही, मुख्य रूप से लैटिन अमेरिका और अफ्रीका में लोकप्रिय मॉडल्स जैसे Pulsar और Boxer की वजह से।”
बजाज ऑटो ने जनवरी 2026 में अपने टू-व्हीलर्स के निर्यात में जबरदस्त उछाल दर्ज किया है, जहां कंपनी ने 1,91,568 यूनिट्स विदेशी बाजारों में भेजीं। यह आंकड़ा हीरो मोटोकॉर्प की 37,663 यूनिट्स और होंडा की 54,832 यूनिट्स से काफी ऊपर है, जो दर्शाता है कि विदेशी ग्राहक अब भारतीय ब्रांड्स में बजाज को प्राथमिकता दे रहे हैं। कंपनी की इस सफलता के पीछे मजबूत वैश्विक वितरण नेटवर्क, प्रतिस्पर्धी कीमतें और लोकप्रिय मॉडल्स जैसे Pulsar सीरीज, Boxer और CT मॉडल्स का योगदान है। इन मॉडल्स की मांग मुख्य रूप से लैटिन अमेरिका, अफ्रीका और दक्षिण पूर्व एशिया में बढ़ी है, जहां बजाज की बाइक्स की विश्वसनीयता और कम मेंटेनेंस कॉस्ट को सराहा जा रहा है।
निर्यात आंकड़ों पर गौर करें तो बजाज ने पिछले साल जनवरी 2025 की तुलना में 21.93% की YoY वृद्धि हासिल की है। कुल मिलाकर, टॉप-6 भारतीय टू-व्हीलर कंपनियों ने जनवरी 2026 में 4,31,027 यूनिट्स का निर्यात किया, जो पिछले साल से 21.60% ज्यादा है। लेकिन बजाज की हिस्सेदारी 44.44% रही, जो इसे निर्यात बाजार का निर्विवाद लीडर बनाती है। टीवीएस मोटर कंपनी दूसरे स्थान पर रही, जिसने 1,10,933 यूनिट्स निर्यात कीं, लेकिन बजाज से काफी पीछे।
प्रमुख निर्यात बाजार और उनकी हिस्सेदारी
बजाज की सफलता का राज उसके विविध बाजारों में है। लैटिन अमेरिका में Pulsar NS200 और Dominar 400 जैसे स्पोर्टी मॉडल्स युवा ग्राहकों को आकर्षित कर रहे हैं, जबकि अफ्रीका में Boxer 150 की मजबूती और ईंधन दक्षता की वजह से कमर्शियल यूजर्स इसे पसंद कर रहे हैं। यहां कुछ प्रमुख बाजारों की हिस्सेदारी दी गई है:
| बाजार क्षेत्र | अनुमानित हिस्सेदारी (%) | लोकप्रिय मॉडल्स | मुख्य कारण |
|---|---|---|---|
| लैटिन अमेरिका (मेक्सिको, कोलंबिया) | 35 | Pulsar NS160, Dominar 250 | स्पोर्टी डिजाइन, हाई परफॉर्मेंस |
| अफ्रीका (नाइजीरिया, केन्या) | 40 | Boxer 100, CT 110 | मजबूत बिल्ड, कम कीमत |
| दक्षिण पूर्व एशिया (फिलीपींस, इंडोनेशिया) | 15 | Platina 100, Discover 125 | ईंधन बचत, आसान मेंटेनेंस |
| अन्य (मध्य पूर्व, यूरोप) | 10 | KTM 390 (पार्टनरशिप), Triumph 400 | प्रीमियम सेगमेंट में एंट्री |
ये आंकड़े दर्शाते हैं कि बजाज ने अपनी प्रोडक्ट रेंज को स्थानीय जरूरतों के अनुसार अनुकूलित किया है, जैसे अफ्रीकी बाजारों के लिए रफ टेरेन पर चलने वाली बाइक्स। कंपनी की KTM और Triumph के साथ पार्टनरशिप ने भी यूरोपीय बाजारों में प्रीमियम सेगमेंट को मजबूत किया है, जहां 390 Duke और Speed 400 जैसे मॉडल्स की बिक्री बढ़ रही है।
तुलनात्मक निर्यात प्रदर्शन
अन्य कंपनियों से तुलना करें तो बजाज का प्रदर्शन असाधारण है। यहां जनवरी 2026 के निर्यात आंकड़े दिए गए हैं:
| कंपनी | निर्यात यूनिट्स | YoY वृद्धि (%) | बाजार हिस्सेदारी (%) |
|---|---|---|---|
| बजाज ऑटो | 1,91,568 | 21.93 | 44.44 |
| टीवीएस मोटर | 1,10,933 | 18.25 | 25.73 |
| होंडा | 54,832 | 30.96 | 12.72 |
| हीरो मोटोकॉर्प | 37,663 | 23.51 | 8.74 |
| सुजुकी | 20,000 (अनुमानित) | 15.00 | 4.64 |
| रॉयल एनफील्ड | 15,031 | 10.50 | 3.49 |
इस तालिका से साफ है कि बजाज ने न केवल मात्रा में बल्कि वृद्धि दर में भी दूसरों को पीछे छोड़ा है। होंडा की वृद्धि दर ज्यादा होने के बावजूद उसकी कुल यूनिट्स बजाज की आधी से भी कम हैं। हीरो मोटोकॉर्प, जो घरेलू बाजार में लीडर है, निर्यात में संघर्ष कर रही है, क्योंकि उसके मॉडल्स जैसे Splendor और Passion विदेशी बाजारों में कम आकर्षक साबित हो रहे हैं।
सफलता के प्रमुख कारक
इनोवेशन और टेक्नोलॉजी : बजाज ने अपनी बाइक्स में ABS, EFI इंजन और डिजिटल इंस्ट्रूमेंटेशन जैसी फीचर्स जोड़ी हैं, जो विदेशी ग्राहकों को सुरक्षा और सुविधा प्रदान करती हैं। उदाहरण के लिए, Pulsar N250 में ट्रिपल स्पार्क टेक्नोलॉजी की वजह से बेहतर माइलेज मिलता है।
प्रतिस्पर्धी मूल्य निर्धारण : बजाज की बाइक्स की कीमतें 50,000 से 1.5 लाख रुपये तक हैं, जो Hero और Honda के समान मॉडल्स से 10-15% सस्ती पड़ती हैं, बिना क्वालिटी में कमी के।
वैश्विक नेटवर्क : कंपनी के 100 से ज्यादा देशों में डीलरशिप हैं, जो लोकल असेंबली प्लांट्स के साथ मिलकर डिलीवरी को तेज बनाते हैं। हाल ही में ब्राजील और अर्जेंटीना में नए प्लांट्स ने निर्यात को बूस्ट दिया है।
मार्केटिंग स्ट्रैटेजी : बजाज ने सोशल मीडिया और लोकल इवेंट्स के जरिए ब्रांडिंग की है, जैसे अफ्रीका में ‘Tough Terrain Challenge’ जहां Boxer की टेस्टिंग होती है।
इलेक्ट्रिक सेगमेंट में एंट्री : Chetak इलेक्ट्रिक स्कूटर की निर्यात शुरुआत ने EV बाजार में बजाज को मजबूत बनाया है, जहां जनवरी 2026 में 25,520 यूनिट्स बिकीं।
विदेशी बाजारों में बजाज की बढ़ती लोकप्रियता भारतीय ऑटो इंडस्ट्री के लिए सकारात्मक संकेत है। कंपनी ने FY26 के YTD में कुल निर्यात को 20 लाख यूनिट्स के करीब पहुंचाया है, जो पिछले साल से 13.9% ज्यादा है। इसके अलावा, बजाज की कमर्शियल व्हीकल्स जैसे RE60 और Qute भी निर्यात में योगदान दे रही हैं, लेकिन टू-व्हीलर्स मुख्य ड्राइवर बने हुए हैं।
चुनौतियां और भविष्य की रणनीति
हालांकि सफलता बड़ी है, लेकिन चुनौतियां भी हैं। वैश्विक सप्लाई चेन डिसरप्शन, जैसे सेमीकंडक्टर की कमी, ने उत्पादन को प्रभावित किया है। इसके अलावा, यूरोपीय बाजारों में सख्त उत्सर्जन नियमों के कारण BS6+ मॉडल्स को अपग्रेड करना पड़ रहा है। बजाज इन चुनौतियों से निपटने के लिए R&D में निवेश कर रही है, जहां 2026 में नए EV मॉडल्स लॉन्च करने की योजना है। कंपनी का लक्ष्य 2026 के अंत तक निर्यात को 25 लाख यूनिट्स तक पहुंचाना है, मुख्य रूप से एशियन और अफ्रीकी बाजारों पर फोकस करके।
कुल मिलाकर, बजाज ऑटो की यह उपलब्धि दर्शाती है कि भारतीय कंपनियां अब वैश्विक स्तर पर जापानी और चीनी ब्रांड्स से मुकाबला कर रही हैं। Pulsar जैसे आइकॉनिक मॉडल्स ने ब्रांड को युवा और एडवेंचरस इमेज दी है, जबकि Boxer की实用ता ने कमर्शियल सेगमेंट को कवर किया है।
Disclaimer: This is based on news reports and tips from sources.










