“पुरानी कीमतें अब इतिहास हो गई हैं। 2026 में कई लोकप्रिय सस्ती SUVs की कीमतें बढ़ गई हैं, जिससे ग्राहकों को 20,000 से 60,000 रुपये तक ज्यादा चुकाने पड़ सकते हैं। बढ़ती कमोडिटी लागत, मुद्रा उतार-चढ़ाव और इनपुट खर्चों के कारण कंपनियां दाम बढ़ा रही हैं, लेकिन SUV सेगमेंट में डिमांड अभी भी मजबूत बनी हुई है।”
भारत में सस्ती SUVs की कीमतों में उछाल
भारतीय बाजार में सब-4 मीटर और कॉम्पैक्ट SUVs ग्राहकों की पहली पसंद बनी हुई हैं, लेकिन 2026 की शुरुआत से कई मॉडलों की एक्स-शोरूम कीमतें बढ़ गई हैं। जनवरी 2026 से लागू हुई बढ़ोतरी मुख्य रूप से 2 से 3 प्रतिशत के बीच रही, जो कमोडिटी कीमतों में वृद्धि, रुपये की कमजोरी और उत्पादन खर्चों के कारण आई है। इससे पहले GST राहत मिली थी, लेकिन नई बढ़ोतरी ने उसका कुछ असर कम कर दिया।
कई कंपनियों ने पूरे पोर्टफोलियो पर बढ़ोतरी की घोषणा की, जिसमें सस्ती SUVs भी शामिल हैं। Nissan ने 3 प्रतिशत तक, MG Motor ने 2 प्रतिशत तक, Renault ने 2 प्रतिशत तक और Honda ने चुनिंदा मॉडलों पर बढ़ोतरी की। Citroen Aircross जैसी मॉडल पर मार्च 2026 में 42,000 रुपये की बढ़ोतरी देखी गई।
प्रभावित प्रमुख सस्ती SUVs और बढ़ोतरी का अनुमान
नीचे कुछ लोकप्रिय सस्ती SUVs की पुरानी और नई कीमतों का तुलनात्मक विवरण दिया गया है (एक्स-शोरूम, अनुमानित आधार पर, विभिन्न स्रोतों से प्राप्त ट्रेंड्स के अनुसार):
Tata Punch — पहले 5.60 लाख से शुरू, अब 5.80 लाख से ऊपर (लगभग 20,000-30,000 रुपये बढ़ोतरी)।
Nissan Magnite — पहले 5.62 लाख से, अब 5.79 लाख से शुरू (17,000-32,000 रुपये अतिरिक्त)।
Hyundai Venue — नई जनरेशन मॉडल पर रिवाइज्ड प्राइस, 8 लाख से शुरू लेकिन चुनिंदा वेरिएंट्स में 20,000-40,000 रुपये की बढ़ोतरी।
Maruti Suzuki Brezza — 8.26 लाख से शुरू, लेकिन 2026 में अपडेटेड मॉडल्स पर 20,000-50,000 रुपये तक प्रभाव।
Renault Kiger — 5.88 लाख से शुरू, अब 6 लाख से ऊपर (वेरिएंट आधारित 20,000-40,000 रुपये बढ़ोतरी)।
Citroen Aircross — हालिया बढ़ोतरी के बाद 8.89 लाख से शुरू (42,000 रुपये की सीधी बढ़ोतरी)।
ये बढ़ोतरी वेरिएंट, फ्यूल टाइप (पेट्रोल/डीजल/CNG/EV) और लोकेशन पर निर्भर करती है। उदाहरण के लिए, इलेक्ट्रिक वेरिएंट्स जैसे MG Comet EV पर 10,000-20,000 रुपये और Windsor EV पर 30,000-37,000 रुपये तक अतिरिक्त खर्च आया।
बढ़ोतरी के प्रमुख कारण
कमोडिटी कीमतों में उछाल — स्टील, एल्युमीनियम और अन्य रॉ मटेरियल महंगे हुए।
मुद्रा उतार-चढ़ाव — रुपये की कमजोरी से इंपोर्टेड पार्ट्स महंगे।
उत्पादन और लॉजिस्टिक्स खर्च — सप्लाई चेन प्रभावित।
नियमित सालाना एडजस्टमेंट — कंपनियां हर जनवरी में 1-3 प्रतिशत बढ़ोतरी करती हैं।
ग्राहकों के लिए सलाह
अगर आप जल्दी खरीदारी की योजना बना रहे हैं, तो पुरानी बुकिंग या ऑफर्स का फायदा उठाएं।
CNG और माइल्ड-हाइब्रिड वेरिएंट्स अभी भी रनिंग कॉस्ट में फायदेमंद हैं।
मार्च 2026 में कुछ मॉडलों पर अतिरिक्त बढ़ोतरी देखी जा रही है, जैसे Citroen Aircross।
SUV सेगमेंट में सेल्स मजबूत है — जनवरी 2026 में Tata Nexon (23,365 यूनिट), Punch (19,257), Brezza (17,486), Venue (12,413) टॉप सेलर्स रहे।











