क्रिप्टो बाजार में ताजा तेजी देखने को मिल रही है, जहां बिटकॉइन की कीमत भारतीय रुपयों में लगभग 66 लाख से ऊपर पहुंच गई है और इथेरियम भी मजबूत रिकवरी दिखा रहा है। वैश्विक बाजार पूंजीकरण 2.4 ट्रिलियन डॉलर से अधिक हो गया है, जिसमें पिछले 24 घंटों में 5-6% की बढ़ोतरी दर्ज की गई। भू-राजनीतिक तनाव के बावजूद शॉर्ट लिक्विडेशन और संस्थागत खरीदारी ने इस उछाल को बढ़ावा दिया है।
क्रिप्टो मार्केट में हलचल, बिटकॉइन और इथेरियम की कीमतों में उछाल
क्रिप्टोकरेंसी बाजार में बुधवार को जबरदस्त तेजी देखी गई, जहां प्रमुख सिक्कों ने हाल के नुकसान की भरपाई की और नई ऊंचाइयों की ओर बढ़त बनाई। बिटकॉइन ने 73,000 डॉलर का स्तर पार कर लिया, जबकि इथेरियम 2,050 डॉलर के ऊपर पहुंच गया। भारतीय निवेशकों के लिए बिटकॉइन की कीमत अब लगभग 66 लाख से 67 लाख रुपये के बीच ट्रेड कर रही है, जो पिछले 24 घंटों में 7-8% की बढ़ोतरी दर्शाती है। इथेरियम भी 1.9 लाख रुपये से अधिक पर पहुंच चुका है।
यह उछाल मुख्य रूप से शॉर्ट पोजीशन के बड़े पैमाने पर लिक्विडेशन से ट्रिगर हुआ, जिसमें करीब 110 मिलियन डॉलर की शॉर्ट पोजीशंस स्क्वीज हुईं। बाजार में रिस्क-ऑन सेंटिमेंट मजबूत हुआ, खासकर फेडरल रिजर्व की ओर से संभावित लिक्विडिटी सपोर्ट के संकेतों के बाद। बड़े होल्डर्स की बिकवाली कम होने से भी कीमतों को सहारा मिला।
बिटकॉइन का मार्केट कैपिटलाइजेशन अब 1.45 ट्रिलियन डॉलर से अधिक है, जो कुल क्रिप्टो मार्केट का करीब 59% हिस्सा है। पिछले सप्ताहांत में मध्य पूर्व में तनाव के कारण कीमतें 63,000 डॉलर तक गिर गई थीं, लेकिन रिकवरी तेज रही और अब यह 72,000-73,000 डॉलर के रेंज में स्थिर दिख रही है। विश्लेषकों का मानना है कि यदि यह स्तर टिका रहा तो मार्च में 75,000-80,000 डॉलर तक जाने की संभावना मजबूत है।
इथेरियम की स्थिति और मजबूत नजर आ रही है। नेटवर्क पर बढ़ती एक्टिविटी, लेयर-2 सॉल्यूशंस की ग्रोथ और इंस्टीट्यूशनल इंटरेस्ट ने इसे सपोर्ट दिया। हाल के दिनों में स्पॉट इथेरियम ETF में इनफ्लो बढ़ा है, जो कीमत को ऊपर धकेल रहा है। इथेरियम का मार्केट कैप अब 250 बिलियन डॉलर के आसपास है और यह बिटकॉइन के बाद दूसरे नंबर पर मजबूती से कायम है।
वैश्विक क्रिप्टो मार्केट कैपिटलाइजेशन पिछले 24 घंटों में 5-6% बढ़कर 2.46 ट्रिलियन डॉलर के स्तर पर पहुंच गया है। ट्रेडिंग वॉल्यूम भी 130-140 बिलियन डॉलर के बीच रहा, जो बाजार में नई पूंजी के प्रवाह को दर्शाता है। अल्टकॉइन सेक्टर में भी रिकवरी दिखी, जहां सोलाना, XRP जैसे सिक्कों ने 5-10% तक की छलांग लगाई।
भू-राजनीतिक जोखिमों के बावजूद बाजार ने रेजिलिएंस दिखाई। मध्य पूर्व तनाव और तेल कीमतों में उछाल के कारण शुरुआती गिरावट आई थी, लेकिन क्रिप्टो ने जल्दी रिकवर किया। टॉम ली जैसे प्रमुख विश्लेषकों ने मार्च में रिबाउंड की भविष्यवाणी की है, यहां तक कि युद्ध जैसी स्थितियों में भी। इथेरियम के लिए टोकनाइजेशन ऑफ रियल-वर्ल्ड एसेट्स और नेटवर्क अपग्रेड्स लॉन्ग-टर्म ड्राइवर बने हुए हैं।
भारतीय निवेशकों के लिए यह समय सतर्कता के साथ अवसर लेकर आया है। क्रिप्टो एक्सचेंजों पर ट्रेडिंग वॉल्यूम बढ़ा है और UPI इंटीग्रेशन से आसान एंट्री मिल रही है। हालांकि, वोलेटिलिटी बनी हुई है, इसलिए पोर्टफोलियो डाइवर्सिफिकेशन और रिस्क मैनेजमेंट जरूरी है।
कीमतों का तुलनात्मक अवलोकन (लगभग वर्तमान स्तर)
बिटकॉइन: 72,900-73,100 USD (भारतीय रुपए में ~66-67 लाख)
इथेरियम: 2,050-2,100 USD (भारतीय रुपए में ~1.9-2 लाख)
24 घंटे परिवर्तन: बिटकॉइन +7-8%, इथेरियम +5-9%
मार्केट कैप: कुल ~2.46 ट्रिलियन USD
यह तेजी बाजार की सेंटीमेंट शिफ्ट को दर्शाती है, जहां निवेशक जोखिम लेने को तैयार दिख रहे हैं। आने वाले दिनों में प्रमुख रेजिस्टेंस लेवल्स पर नजर रखना महत्वपूर्ण होगा।
Disclaimer: यह न्यूज रिपोर्ट बाजार की वर्तमान स्थितियों पर आधारित है। क्रिप्टो निवेश में उच्च जोखिम होता है, कृपया स्वयं रिसर्च करें।










