“सोने की कीमतों में पिछले हफ्ते अभूतपूर्व उतार-चढ़ाव देखा गया, जहां रिकॉर्ड हाई के बाद तेज गिरावट आई। अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने चीन के सट्टेबाजों को जिम्मेदार ठहराया, कहा कि चीन में चीजें ‘अनरूली’ हो गईं और स्पेकुलेटिव ब्लोऑफ जैसी स्थिति बनी, जिसके कारण मार्जिन आवश्यकताओं को कड़ा करना पड़ा। वैश्विक स्तर पर सोना $5,000 प्रति औंस के आसपास स्थिर हुआ है, जबकि भारत में 24 कैरेट सोना ₹1,57,000-1,58,000 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा है।”
अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने सोने के बाजार में पिछले हफ्ते आए भारी उतार-चढ़ाव के लिए चीन के ट्रेडर्स को सीधे जिम्मेदार ठहराया है। फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में बेसेंट ने कहा कि चीन में स्थिति काफी अनियंत्रित हो गई है, जहां सट्टेबाजी इतनी तेज हो गई कि अधिकारियों को मार्जिन आवश्यकताओं को सख्त करना पड़ा। उन्होंने इसे क्लासिकल स्पेकुलेटिव ब्लोऑफ करार दिया, जहां कीमतें अचानक आसमान छूती हैं और फिर तेजी से गिरती हैं।
यह बयान ऐसे समय आया है जब सोने ने जनवरी के अंत में $5,100 प्रति औंस से अधिक का रिकॉर्ड स्तर छुआ था। सट्टा खरीदारी, भू-राजनीतिक तनाव और फेडरल रिजर्व की स्वतंत्रता पर चिंताओं ने इस रैली को हवा दी। लेकिन अचानक रिवर्सल हुआ और कीमतें $4,400 तक फिसल गईं, जो एक दशक में सबसे बड़ी साप्ताहिक गिरावट थी। अब सोना फिर $5,000 के ऊपर स्थिर होकर $5,034-$5,061 के बीच कारोबार कर रहा है।
चीन में रिटेल निवेशकों की भारी भागीदारी इस उछाल का प्रमुख कारण रही। चीनी गोल्ड-बैक्ड ईटीएफ में भारी इनफ्लो देखा गया, लेकिन हालिया गिरावट के बाद बड़े पैमाने पर आउटफ्लो हुआ, जिसमें एक दिन में 980 मिलियन युआन का रिकॉर्ड आउटफ्लो दर्ज हुआ। इससे पैनिक बिकवाली बढ़ी। चीन के सेंट्रल बैंक पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना ने लगातार 15वें महीने सोना खरीदा, जनवरी में रिजर्व बढ़कर 74.19 मिलियन ट्रॉय औंस हो गया।
इसके साथ ही चीन ने घरेलू बैंकों को अमेरिकी ट्रेजरी होल्डिंग्स कम करने की सलाह दी है, जिसे बाजार जोखिम विविधीकरण बताया गया है। इससे अमेरिकी ट्रेजरी फ्यूचर्स में हल्की गिरावट आई। बेसेंट के बयान पर चीन की ओर से जवाब आया है कि यह दावा बेबुनियाद है और असल में अमेरिकी नीतियों की अनिश्चितता से बाजार प्रभावित हुआ।
भारत में सोने की कीमतें भी वैश्विक ट्रेंड से प्रभावित रहीं। 10 फरवरी को 24 कैरेट सोना प्रति 10 ग्राम ₹1,57,140 से ₹1,58,060 के बीच कारोबार कर रहा है, जबकि 22 कैरेट ₹1,44,000-1,45,000 स्तर पर है। दिल्ली में 24 कैरेट ₹1,56,870 प्रति 10 ग्राम, मुंबई में ₹1,57,910 और चेन्नई में ₹1,59,060 तक पहुंचा। एमसीएक्स पर फरवरी वायदा अनुबंध ₹1,58,000 के करीब है। चांदी भी तेजी से ₹2,90,000 प्रति किलोग्राम के आसपास है।
प्रमुख कारक जो सोने की कीमतों को प्रभावित कर रहे हैं:
| शहर | 24 कैरेट (प्रति 10 ग्राम) | 22 कैरेट (प्रति 10 ग्राम) |
|---|---|---|
| दिल्ली | ₹1,56,870 | ₹1,43,820 |
| मुंबई | ₹1,57,910 | ₹1,44,750 |
| चेन्नई | ₹1,59,060 | ₹1,45,800 |
| बेंगलुरु | ₹1,56,700 | ₹1,43,650 |
सुरक्षित निवेश की मांग: ट्रंप प्रशासन की टैरिफ नीतियां, कनाडा और यूरोप पर खतरे, और सरकारी शटडाउन की आशंका ने गोल्ड को आकर्षक बनाया।
कमजोर डॉलर: अमेरिकी डॉलर चार साल के निचले स्तर पर, जिससे डॉलर में कीमत वाली धातुएं सस्ती हुईं।
सेंट्रल बैंक खरीद: चीन सहित कई देश डॉलर निर्भरता कम कर सोने की ओर बढ़ रहे हैं।
सट्टेबाजी नियंत्रण: चीन में मार्जिन नियम सख्त होने से लीवरेज्ड ट्रेडिंग सीमित हुई, जिससे गिरावट तेज हुई।
भविष्य के अनुमान: जेपी मॉर्गन जैसे विश्लेषकों का कहना है कि 2026 के अंत तक सोना $5,000-$6,000 प्रति औंस तक जा सकता है।
यह घटनाक्रम निवेशकों के लिए चेतावनी है कि सोने में अल्पकालिक अस्थिरता बनी रह सकती है, लेकिन लंबी अवधि में सुरक्षित संपत्ति के रूप में इसकी अपील मजबूत है।
Disclaimer: यह समाचार रिपोर्ट बाजार की वर्तमान स्थितियों पर आधारित है। निवेश से पहले विशेषज्ञ सलाह लें।










