केंद्रीय बजट 2026 में फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&O) पर सिक्योरिटीज ट्रांजेक्शन टैक्स (STT) में की गई भारी बढ़ोतरी से शेयर बाजार में भयंकर गिरावट दर्ज की गई। इससे मुकेश अंबानी और गौतम अदाणी जैसे प्रमुख अरबपतियों की नेटवर्थ में कुल मिलाकर 50 हजार करोड़ रुपये से अधिक की कमी आई। बाजार पूंजीकरण में लगभग 9.72 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ, जबकि सेंसेक्स 1,547 अंक और निफ्टी 495 अंक टूटकर बंद हुआ।
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश बजट 2026 में फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&O) ट्रेडिंग पर सिक्योरिटीज ट्रांजेक्शन टैक्स (STT) में आक्रामक बढ़ोतरी का ऐलान बाजार के लिए सबसे बड़ा झटका साबित हुआ। इस फैसले ने रिटेल निवेशकों की सट्टेबाजी पर लगाम लगाने का इरादा जाहिर किया, लेकिन तत्काल प्रभाव में शेयर बाजार में भारी बिकवाली का दौर शुरू हो गया। परिणामस्वरूप, प्रमुख इंडेक्स गहरी गिरावट के साथ बंद हुए और अरबपतियों की संपत्ति में हजारों करोड़ रुपये की कटौती दर्ज की गई।
STT बढ़ोतरी के प्रमुख बदलाव इस प्रकार हैं:
| ट्रेडिंग प्रकार | पुरानी दर (%) | नई दर (%) | बढ़ोतरी का प्रतिशत |
|---|---|---|---|
| फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट्स | 0.02 | 0.05 | 150% |
| ऑप्शंस प्रीमियम | 0.10 | 0.15 | 50% |
| ऑप्शंस एक्सरसाइज | 0.125 | 0.15 | 20% |
यह बढ़ोतरी रिटेल F&O ट्रेडिंग की तेजी को नियंत्रित करने के उद्देश्य से की गई, जहां पिछले कुछ वर्षों में ट्रेडिंग वॉल्यूम में अनियंत्रित वृद्धि देखी गई थी। सरकार का मानना है कि अत्यधिक सट्टेबाजी से बाजार में अस्थिरता बढ़ती है और असल निवेश प्रभावित होता है। हालांकि, बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि यह फैसला समय से पहले लिया गया, जिससे लिक्विडिटी घटी और ब्रोकरेज फर्मों पर दबाव बढ़ा।
बाजार की प्रतिक्रिया तीव्र रही। सेंसेक्स 1,547 अंक (1.88%) गिरकर 80,723 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 495 अंक (1.96%) लुढ़ककर 24,825 पर आ गया। बीएसई पर लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन 9.72 लाख करोड़ रुपये घटकर 450.15 लाख करोड़ रुपये रह गया। गिरावट व्यापक थी—मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स 2-3% तक टूटे, जबकि ब्रोकरेज शेयरों में 8% से अधिक की कमजोरी आई। बीएसई खुद 8% गिरा, जबकि एंजेल वन जैसे स्टॉक 8.6% तक नीचे आए।
इस गिरावट का सीधा असर प्रमुख उद्योगपतियों की संपत्ति पर पड़ा। मुकेश अंबानी की नेटवर्थ 3.5 अरब डॉलर (करीब 32,194 करोड़ रुपये) घटकर 94.6 अरब डॉलर रह गई। रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर करीब 2.5% टूटे, जिससे उनकी कुल दौलत पर गहरा प्रभाव पड़ा। इसी तरह, गौतम अदाणी की नेटवर्थ 2.4 अरब डॉलर (करीब 22,076 करोड़ रुपये) कम होकर 56.5 अरब डॉलर पर आ गई। अदाणी पोर्ट्स, अदाणी एंटरप्राइजेज, अदाणी पावर, अदाणी टोटल गैस और अदाणी ग्रीन जैसे ग्रुप कंपनियों के शेयरों में भारी बिकवाली देखी गई।
अन्य प्रभावित अरबपतियों में शिव नादर शामिल हैं, जिनकी नेटवर्थ 46.6 करोड़ डॉलर (करीब 4,286 करोड़ रुपये) घटी। कुल मिलाकर, इन प्रमुख अरबपतियों की संपत्ति में एक दिन में 50 हजार करोड़ रुपये से अधिक की कमी आई। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि STT बढ़ोतरी के अलावा कैपिटल गेंस टैक्स में कोई राहत न मिलना भी निवेशकों की निराशा का कारण बना।
सरकार का यह कदम F&O सेगमेंट में रिटेल भागीदारी को संतुलित करने की दिशा में है, जहां पिछले वर्षों में ट्रेडिंग वॉल्यूम रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया था। विशेषज्ञों का कहना है कि उच्च कर से ट्रेडिंग लागत बढ़ेगी, जिससे हाई-फ्रीक्वेंसी और रिटेल ट्रेडर्स बाजार से दूरी बना सकते हैं। इससे लंबे समय में बाजार स्थिरता बढ़ सकती है, लेकिन अल्पावधि में वॉल्यूम और लिक्विडिटी पर असर पड़ेगा।
बाजार में यह गिरावट उन निवेशकों के लिए चेतावनी है जो F&O में भारी पोजीशन लेते हैं। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि अब लॉन्ग-टर्म इन्वेस्टमेंट पर फोकस बढ़ाया जाए, क्योंकि सट्टेबाजी से जुड़े जोखिम बढ़ गए हैं।
Disclaimer: यह समाचार रिपोर्ट बाजार की स्थितियों पर आधारित है और सूचनात्मक उद्देश्य से तैयार की गई है। शेयर बाजार में निवेश जोखिमपूर्ण है। कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले प्रमाणित वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य लें।










