भारतीय ऑटोमोबाइल सेक्टर यूनियन बजट 2026 से EV अपनाने को तेज करने वाले इंसेंटिव्स, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश, GST स्थिरता, कंपोनेंट्स पर ड्यूटी में राहत और ग्रामीण मांग बढ़ाने वाली नीतियों की मजबूत उम्मीद कर रहा है। स्कोडा ऑटो वोल्क्सवैगन इंडिया GST कंटिन्यूटी और EV इकोसिस्टम को मजबूत करने पर जोर दे रही है, जबकि JSW MG मोटर इंडिया इंफ्रास्ट्रक्चर फंडिंग और ड्यूटी में आसानी चाहती है। सेक्टर का कुल निर्यात 24% बढ़ा है और पैसेंजर व्हीकल मार्केट में 5-6% ग्रोथ की संभावना है।
बजट 2026: ऑटो सेक्टर की प्रमुख उम्मीदें और मांगें
भारतीय ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री पिछले कुछ वर्षों में मजबूत निर्यात वृद्धि और EV ट्रांजिशन के साथ वैश्विक स्तर पर अपनी स्थिति मजबूत कर रही है। निर्यात में 24% सालाना बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जो घरेलू मैन्युफैक्चरिंग की ताकत दिखाती है। बजट 2026 से इंडस्ट्री पॉलिसी कंटिन्यूटी, मांग रिवाइवल और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को तेज करने वाले कदमों की अपेक्षा रख रही है।
EV अपनाने को बढ़ावा देने वाली प्रमुख मांगें
EV कंपोनेंट्स पर ड्यूटी में कटौती और रेशनलाइजेशन
बैटरी, मोटर्स, पावर इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर्स जैसे हाई-वैल्यू कंपोनेंट्स के लिए PLI स्कीम का विस्तार और स्पष्ट एलिजिबिलिटी नियम
पब्लिक चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर में ज्यादा आवंटन, विशेष रूप से अर्बन सेंटर्स और फ्रेट कॉरिडोर पर इंटरऑपरेबल और स्मार्ट चार्जिंग स्टैंडर्ड्स
एंट्री-लेवल EVs के लिए टारगेटेड सब्सिडी और टैक्स राहत, ताकि पेट्रोल कारों से कीमतों में समानता आए
हाई-इम्पैक्ट फ्लीट सेगमेंट जैसे बसें, ई-कॉमर्स लॉजिस्टिक्स और राइड-हेलिंग के लिए विशेष इंसेंटिव्स
स्कोडा ऑटो वोल्क्सवैगन इंडिया की अपेक्षाएं
स्कोडा ऑटो वोल्क्सवैगन इंडिया पिछले साल की GST रिफॉर्म्स को इंडस्ट्री के लिए गेम-चेंजर मानती है। कंपनी बजट से GST में स्थिरता की उम्मीद कर रही है, ताकि पैसेंजर व्हीकल मार्केट में 5-6% ग्रोथ बनी रहे। कंपनी का लक्ष्य नए प्रोडक्ट लॉन्च से मार्केट शेयर बढ़ाना है।
EV सेक्टर में मजबूत पुश: EV ड्यूटीज में सुधार, प्राइस पैरिटी, रेंज एंग्जायटी कम करने के लिए चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और मजबूत इकोसिस्टम
पॉलिसी कंटिन्यूटी और इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट
कस्टम्स टैक्स रिफॉर्म्स से एक्सपोर्ट्स और इंपोर्ट्स को सपोर्ट
CAFE नॉर्म्स के लिए क्लियर रोडमैप और इंडिया-EU FTA पर प्रोग्रेस
JSW MG मोटर इंडिया की प्रमुख मांगें
JSW MG मोटर इंडिया चार्जिंग नेटवर्क के विस्तार को महत्वपूर्ण मानती है और बजट से इंफ्रास्ट्रक्चर में निरंतर निवेश की अपेक्षा रखती है। कंपनी का फोकस EV अपनाने को तेज करने पर है।
मैन्युफैक्चरर्स के लिए ड्यूटी में आसानी और मजबूत इंसेंटिव्स
फिस्कल एड से इंफ्रास्ट्रक्चर बूस्ट, विशेष रूप से चार्जिंग स्टेशन्स
लॉजिस्टिक्स और ग्रीन एनर्जी पाथवे में सपोर्ट
ग्रामीण और मास सेगमेंट के लिए फोकस
ग्रामीण कनेक्टिविटी और रोड कंस्ट्रक्शन में कैपिटल एक्सपेंडिचर जारी रखना जरूरी है। टू-व्हीलर और एंट्री-लेवल कारों की मांग रिकवर करने के लिए रूरल इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर।
कंज्यूमर डिस्पोजेबल इनकम बढ़ाने के लिए टैक्स रिलीफ और लोअर क्रेडिट कॉस्ट
MSME सप्लायर्स के लिए क्रेडिट गारंटी, GST रिफंड्स में आसानी और पेमेंट सेटलमेंट
लोकलाइजेशन और कॉम्पिटिटिवनेस
| प्रमुख सेक्टर उम्मीदें | विवरण | प्रभावित कंपनियां/सेगमेंट |
|---|---|---|
| EV इंसेंटिव्स विस्तार | PLI स्कीम में हाई-वैल्यू कंपोनेंट्स शामिल, सब्सिडी जारी | JSW MG, Tata Motors, Hyundai |
| चार्जिंग इंफ्रा | पब्लिक और सेमी-पब्लिक चार्जिंग पॉइंट्स पर ज्यादा फंड | Skoda Auto, JSW MG, सभी EV प्लेयर्स |
| GST और ड्यूटी राहत | 5% GST EVs पर जारी, कंपोनेंट्स पर रेशनलाइजेशन | Skoda Auto Volkswagen, MG Motor |
| इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश | रोड्स, रूरल कनेक्टिविटी, लॉजिस्टिक्स कॉरिडोर | पूरे ऑटो सेक्टर, कमर्शियल व्हीकल्स |
| लोकलाइजेशन पुश | बैटरी और क्रिटिकल मटेरियल्स का घरेलू उत्पादन | सभी OEMs और कंपोनेंट मेकर्स |
इंडस्ट्री लिथियम, कोबाल्ट, निकल जैसे क्रिटिकल मिनरल्स पर इंपोर्ट डिपेंडेंसी कम करने के लिए डोमेस्टिक एक्सप्लोरेशन, स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप्स और बैटरी रिसाइक्लिंग पर फोकस चाहती है। MSME सप्लायर्स के लिए डिजिटलाइजेशन और क्वालिटी इंप्रूवमेंट इंसेंटिव्स जरूरी हैं।
Disclaimer: यह लेख सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए तैयार किया गया है और इसमें व्यक्त की गई अपेक्षाएं इंडस्ट्री विशेषज्ञों के बयानों पर आधारित हैं। यूनियन बजट 2026 की अंतिम घोषणाएं वित्त मंत्री द्वारा संसद में प्रस्तुत की जाएंगी।










